बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic) for Computer Instructor

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बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic) - संपूर्ण गाइड

बाइनरी अंकगणित (Binary Arithmetic)

प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Exams) के लिए संपूर्ण गाइड। बाइनरी जोड़, घटाव, गुणा और भाग को गहराई से समझें - नियमों और उदाहरणों के साथ।

0 & 1
Base System
Carry
In Addition
Borrow
In Subtraction
Shift
In Multiplication

बाइनरी सिस्टम का आधार

डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स में हम केवल दो अवस्थाओं (States) का उपयोग करते हैं: On (1) और Off (0)। इसे 'Binary Number System' या Base-2 सिस्टम कहा जाता है।

दशमलव प्रणाली (Decimal System) में स्थानीय मान (Place Value) 10 की घात (1, 10, 100) में बढ़ता है, जबकि बाइनरी में यह 2 की घात (Powers of 2) में बढ़ता है।

महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points):

  • Bit: एक एकल बाइनरी अंक (0 या 1).
  • Nibble: 4 बिट्स का समूह (उदा. 1011).
  • Byte: 8 बिट्स का समूह (उदा. 11001010).
  • MSB (Most Significant Bit): सबसे बाईं ओर का बिट (अधिकतम मान).
  • LSB (Least Significant Bit): सबसे दाईं ओर का बिट (न्यूनतम मान).

बाइनरी स्थानीय मान (Exponential Growth)

बिट पोजीशन के साथ मान कैसे दोगुना होता है, यह देखें।

प्रत्येक अगला बिट पिछले बिट से 2 गुना बड़ा होता है।

1. बाइनरी जोड़ (Binary Addition)

नियम, प्रक्रिया और उदाहरण

जोड़ के नियम (Rules of Addition)

बाइनरी जोड़ दशमलव जोड़ के समान ही है, लेकिन इसमें केवल 0 और 1 होते हैं। सबसे महत्वपूर्ण नियम 1 + 1 = 10 है, जहाँ 0 परिणाम है और 1 हासिल (Carry) है।

A B योग (Sum) हासिल (Carry) परिणाम
0 0 0 0 0
0 1 1 0 1
1 0 1 0 1
1 1 0 1 10 (2)
1+1+1 1 1 11 (3)

लाइव बाइनरी जोड़ कैलकुलेटर

कोई भी दो बाइनरी नंबर (उदा. 1010) डालें और जोड़ देखें।

2. बाइनरी घटाव (Binary Subtraction)

उधार (Borrow) नियम और विश्लेषण

बाइनरी घटाव में सबसे पेचीदा हिस्सा Borrow (उधार) है। जब हम 0 में से 1 घटाते हैं, तो हमें अगली उच्च स्थिति (MSB) से 1 उधार लेना पड़ता है।

Borrow का जादू (The Magic of Borrow):

जब आप एक बाइनरी कॉलम से 1 उधार लेते हैं, तो वह वर्तमान कॉलम में आकर 2 (बाइनरी में 10) बन जाता है।
इसलिए: (0 - 1) → उधार लो 1 → (2 - 1) = 1

A B घटाव (Subtract) उधार (Borrow)
0 0 0 0
1 0 1 0
1 1 0 0
0 1 1 1
-

उदाहरण: 110 - 011

Borrow: 11
1 1 0
- 0 1 1
0 1 1

चरण 1 (LSB): 0 - 1 संभव नहीं। 1 उधार लें।
मान = 10 (2). अब 2 - 1 = 1.

चरण 2: बीच वाला 1 अब 0 बन गया (क्योंकि उसने उधार दिया)।
फिर 0 - 1 संभव नहीं। फिर उधार लें।
मान = 2. 2 - 1 = 1.

चरण 3 (MSB): पहला 1 अब 0 बन गया। 0 - 0 = 0.

×

3. बाइनरी गुणा

यह दशमलव गुणा से बहुत आसान है। इसमें केवल दो ही परिणाम संभव हैं:

  • 0 × 1 = 0 (पूरी पंक्ति 0 हो जाती है)
  • 1 × 1 = 1 (पूरी संख्या को कॉपी करें)
1 0 1 (5)
× 1 1 (3)
1 0 1 (1 से गुणा)
1 0 1 - (शिफ्ट और 1 से गुणा)
1 1 1 1 (15)

Shift and Add विधि (Shift and Add Method)

÷

4. बाइनरी भाग

बाइनरी डिवीजन "Long Division" विधि का पालन करता है। हम भाजक (Divisor) को घटाते हैं और 1 लिखते हैं, या यदि घटाना संभव नहीं है तो 0 लिखते हैं।

10
1 1 0
← Quotient (6)
1 1 0 0 (Dividend 12)
- 1 0
1 0
- 1 0
0 0
Note: बाइनरी भाग में केवल दो अनुमान होते हैं: क्या भाजक फिट बैठता है? हाँ (1) या नहीं (0)। दशमलव की तरह अंदाज़ा लगाने की ज़रूरत नहीं है।

अभ्यास प्रश्न (Practice Quiz)

क्या आप परीक्षा के लिए तैयार हैं?

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